निजी कंपनियों के लिए कोई रुकावट नहीं हैं, आम चुनाव

क्या ठेठ चुनावी गहमा-गहमी के दौरान कोई निजी कपनी अपनी बिजली की कीमतों में इजाफा कर सकती है? और ऐसा करते हुए उसे कोई देख, टोक तक नहीं पाता? गौर से देखें तो बिजली...

अडानी के घाटे को जनता की जेब पर थोपती सरकार

लोकसभा चुनाव के बीच, केद्रिंय विधुत विनियामक आयोग ने अडानी मुद्रां पावर परियोजना की 2000 मेगावाट यूनिट का तय टैरिफ 2.80 रुपए से बढाकर 3.10 रुपए करने का आदेश जारी कर दिया है। इसका...

कैसे बैंक हमसे हमारी बचत के पैसे लूट रहे हैं?

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र एक लंबे और गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। बुरे ऋण बढ़ रहे हैं और बैंक घटते मुनाफे के साथ कम-पूंजीकृत हो रहे हैं। नतीजतन, साख वृद्धि थम सी...

हमारा पैसा, हमारा अधिकार: राजनैतिक पार्टियों से अपील

हमारा पैसा, हमारा अधिकार: एक पारदर्शी और जवाबदेह वित्तीय एवं बैंकिंग व्यवस्था की ओर वित्तीय और बैंकिंग मुद्दों को 2019 के चुनावी अभियान के साथ चुनावी घोषणापत्र में इनको शामिल करने का आग्रह करते हुए...