सस्ती सरकारी बिजली पर भारी मंहगी निजी बिजली

आम लोगों के वोट से सत्ता पर काबिज होन वाली सरकारें, हर तरह की लाज शर्म को तिलांजलि देकर बेशर्मी से पूॅजी और उधोंगों के हित मे खंडी हो गई है। मध्यप्रदेश मे इसकी...

सस्ती सरकारी बिजली होने के बावजूद महंगी निजी बिजली खरीद रही सरकार

देश और दुनिया कोरोनावायरस महामारी के इस सकंट को फैलने से बचाने मे लगे है। लाखों मजदूर भुखे और प्यासे पैदल आपने गाँवों की और लौट रहे है। यह कहना भी असंगत नहीं होगा...

क्या बिजली बंद का आव्हान देश हित मे था?

देश में कोरोनावायरस नामक महामारी ने हाहाकार मचा दिया है जिसे रोकने के लिये सारे राज्य पूरी कोशिश कर रहे है। इसी कडी मे केद्रिय सरकार ने भी पूरे देश मे लॉकडाउन कर दिया...

निजी कंपनीयों के वित्तीय घाटों की भरपाई करती एनटीपीसी

भारत सरकार की पावर उत्पादन सार्वजनिक कम्पनी नेशनल थर्मल पावर कार्पोरेशन (एनटीपीसी), मध्य प्रदेश के 600 मेगावाट के एक निजी स्ट्रेस्ड पावर प्लांट को 1900 करोड मे खरीद कर निजी कंपनी के घाटे की...

बिजली क्षेत्र में वित्तीय अनियमितताऐं जनता की जेब पर भारी

मध्यप्रदेश में बिजली के बढते वित्तीय घाटें जनता की जेब पर भारी पड रहे है। हाल ही मे म.प्र. पॉवर मैनेजमेन्ट कंपनी व अन्य कम्पनियों द्धारा टेरिफ बढाने हेतु एक याचिका आयोग के समक्ष...

निजी कंपनियों के लिए कोई रुकावट नहीं हैं, आम चुनाव

क्या ठेठ चुनावी गहमा-गहमी के दौरान कोई निजी कपनी अपनी बिजली की कीमतों में इजाफा कर सकती है? और ऐसा करते हुए उसे कोई देख, टोक तक नहीं पाता? गौर से देखें तो बिजली...

अडानी के घाटे को जनता की जेब पर थोपती सरकार

लोकसभा चुनाव के बीच, केद्रिंय विधुत विनियामक आयोग ने अडानी मुद्रां पावर परियोजना की 2000 मेगावाट यूनिट का तय टैरिफ 2.80 रुपए से बढाकर 3.10 रुपए करने का आदेश जारी कर दिया है। इसका...

आजकल विकास का मतलब लूट है

भारत सरकार देश के विकास के नाम पर बड़ी ढांचागत परियोजनाओ के निमार्ण पर पिछलें कुछ दशकों से लगातार बल दे रही है। इन परियोजनाओं को भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर...

शहर-गाँव के बीच की खाई तेज़ी से बढ़ा रहा विकास का आधुनिक मॉडल

अधोसंरचना, ख़ासकर ऊर्जा के नाम पर  हमारे देश में जो हो रहा है उसे सार्वजनिक सम्पत्ति की खुल्लाम-खुल्ला लूट के अलावा क्या कहा जा सकता है? मध्यप्रदेश सरीखे राज्य में जहाँ ख़ुद सरकारी दस्तावेज़ों...

आजकल विकास का मतलब लूट है

अधोसंरचना, खासकर ऊर्जा के नाम पर हमारे देश में जो हो रहा है उसे सार्वजनिक सम्पत्ति की खुल्लम-खुल्ला लूट के अलावा क्या कहा जा सकता है? मध्यप्रदेश सरीखे राज्य में जहां खुद सरकारी दस्तावेजों...

विकास के नाम पर बढता आर्थिक और सामाजिक सकंट

भारत सरकार देश के विकास के नाम पर बड़ी ढांचागत परियोजनाओ के निमार्ण पर पिछलें कुछ दशकों से लगातार बल दे रही है। इन परियोजनाओं को भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर...

ब्रीफ़िंग पेपर: भारत में जलविद्युत विकास को बड़े पैमाने पर बढ़ावा

इस सेक्टर में निजी क्षत्रे को आकर्षित करने के लिए सरकार ने 2016 में इस पर चर्चा शुरू की कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षत्रे को और विस्तृत किया जाए ताकि 25 मेगावाट क्षमता से...