#COP27 जलवायु शिखर सम्मेलन वैश्विक तापमान को रोकने में नाकामयाब

अगले दशक में पृथ्वी 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान से आगे बढ़ जाएगी। शर्म अल-शेख में आयोजित COP 27 जलवायु आपदा से निपटने में एक फ्लॉप साबित हुआ। हर देश और हर समूह ने केवल...

नोटेबंदी पर RBI की भविष्यवाणी कैसे हुई सच? | हमारा पैसा हमारा हिसाब

नोटबंदी की बात करने से केंद्र सरकार हमेशा कतराती रही है। लेकिन पिछले हफ्ते जब सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी के खिलाफ याचिका पर सुनवाई शुरू की तो उन्हें मजबूर होना पड़ा। केंद्र सरकार ने...

महंगाई का पारा कैसे चढ़ा? क्या रिज़र्व बैंक कभी बताएगा?

मुद्रास्फीति को 6% की सीमा तोड़े 9 महीने से अधिक समय गुजर चुका है। कानून के अनुसार, आरबीआई को महंगाई को नियंत्रित न कर पाने पर अपनी विफलता पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

विश्व भूखमरी सूचकांक | क्या सरकार के पास अपना कोई डाटा नहीं?

दुनिया भर के लोगों की खुशहाली बयां करने वाली विश्व भुखमरी सूचकाँक रिपोर्ट ने भारत को 121 देशों में से 107वां स्थान दिया। सरकार ने एक बयान जारी कर इस रिपोर्ट को गलत बताया...

मुफ्त की रेवड़ियों से किसको है डर | हमारा पैसा हमारा हिसाब

प्रधानमंत्री से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मुफ्त सुविधाओं के खिलाफ आम सहमति बनती दिख रही है। गरीबों के लिए मुफ्त या सब्सिडी वाला अनाज, बिजली या स्वास्थ्य सेवाएं अचानक सभी वित्तीय चिंताओं का मूल...

भुखमरी की चपेट में दुनिया | हमारा पैसा हमारा हिसाब

पूरी दुनिया खाद्य संकट से जूझ रही है। अगले साल खाद्य उत्पादन में और भी कमी आने की आशंका है। यानि की खाद्य सामग्रियों की कीमतें बढ़ जाएंगी। मुक्त व्यापार पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय संधियों...

GST बनाम गब्बर सिंह टैक्स | हमारा पैसा हमारा हिसाब

जीएसटी की शुरुआत टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और डबल टैक्स से बचने के लिए की गयी थी। लेकिन अब हर रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीज पर टैक्स देना पड़ रहा...

वापस आया बिजली संशोधन बिल | हमारा पैसा हमारा हिसाब

किसानों के लंबे आंदोलन की वजह से बिजली बिल को वापस ले लिया गया था। लेकिन अब सरकार इसे पार्लियामेंट के अगले सत्र में वापस लाना चाहती है।

अग्निपथ से कहीं बड़ा बेरोज़गारी का संकट | हमारा पैसा हमारा हिसाब

रोजगार की मांग को लेकर देश के युवा काफी समय से सड़कों पर हैं। लेकिन हमारी सरकार सुन नहीं रही है या जो सुनना चाहिए वो नहीं सुन रही है। और अब हम भयानक...

क्या अब महंगाई से निपट पाना मुमकिन है ?| हमारा पैसा हमारा हिसाब

महीनों तक नकारने , दिखावा करने और बड़ी बड़ी बात करने के बाद आखिरकार सरकार को सच मानना ही पड़ा।  देश एक बड़े आर्थिक संकट की और जा रहा है और महंगाई ने हमारी...

34 लाख नौकरियां कहाँ गयीं? | बेरोज़गारी का संकट | हमारा पैसा हमारा हिसाब

एक तरफ बेरोजगारी दर कम हुई है, वहीँ रोजगार दर भी कम हो रही है। साथ ही सभी देशों में तेल की कीमतों में उछाल नए रिकॉर्ड बना रहा है। पेश है पिछले दिनों...

कर्ज़ के जाल में फंसा श्री लंका । हमारा पैसा हमारा हिसाब

कर्ज़ के जाल में फंसे श्री लंका से हम क्या सीख सकते हैं? कोविड महामारी और यूक्रेन युद्ध के बाद, कई देशों की कर्ज़ की स्तिथि काफी खराब है। क्या मौजूदा आर्थिक ढांचे को...

इस व्यापार युद्ध में किसकी जीत होगी? | हमारा पैसा हमारा हिसाब

रूसी अर्थव्यवस्था पर युद्ध जारी रखते हुए अमेरिका के नेतृत्व में एक तरफ दूसरे देशों को रूस के साथ व्यापार न करने को उकसाया जा रहा है तो दूसरी तरफ चीन, रूस का एक...

डिजिटल मुद्रा – इससे भागें या इसको बटोरें ? | हमारा पैसा हमारा हिसाब

भारत में डिजिटल लेनदेन में काफी बढ़ोतरी हुई है। हालाँकि यहाँ एक बड़ा हिस्सा इसके बारे में बिल्कुल भी समझ नहीं रखता है, लेकिन सरकार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल लेनदेन के लिए...